हमें चराग़ बनाता है या अली कहना
ख़ुदा की याद दिलाता है या अली कहना
वह इस लिए कि तेरे इल्म में इज़ाफा हो
कई सवाल उठाता है या अली कहना
सवाल ये है तेरा क्या बनेगा मुश्किल में
तू उसे छोड़ उसे आता है या अली कहना
जनाब शिर्क तो तब हो जो हो मुसलमानी
हमें तो इश्क़ सिखाता है या अली कहना
नजफ़ की राह में मिलता है जो परिंदा भी
चहक चहक के बताता है या अली कहना
मुनाफ़िक़ीन के चेहरे उतरने लगते हैं
यक़ीन करो नज़र आता है या अली कहना
मैं बावली हूँ मुझे बाअली कहे दुनिया
ये मुआजिज़े भी दिखाता है या अली कहना
मुझे सनद है मेरे होशियार ग़ालिब की
मुझे नदीम बनाता है या अली कहना
ख़ुदा की याद दिलाता है या अली कहना
वह इस लिए कि तेरे इल्म में इज़ाफा हो
कई सवाल उठाता है या अली कहना
सवाल ये है तेरा क्या बनेगा मुश्किल में
तू उसे छोड़ उसे आता है या अली कहना
जनाब शिर्क तो तब हो जो हो मुसलमानी
हमें तो इश्क़ सिखाता है या अली कहना
नजफ़ की राह में मिलता है जो परिंदा भी
चहक चहक के बताता है या अली कहना
मुनाफ़िक़ीन के चेहरे उतरने लगते हैं
यक़ीन करो नज़र आता है या अली कहना
मैं बावली हूँ मुझे बाअली कहे दुनिया
ये मुआजिज़े भी दिखाता है या अली कहना
मुझे सनद है मेरे होशियार ग़ालिब की
मुझे नदीम बनाता है या अली कहना

