हुज़ूर नात का मतला सजा दिया जाए

हुज़ूर नात का मतला सजा दिया जाए
हुज़ूर अर्ज़ है चेहरा दिखा दिया जाए

हुज़ूर आपकी सोहबत को हम तरसते हैं
हुज़ूर वक़्त को पीछे हटा दिया जाए

हुज़ूर ख़ौफ बहुत हैं हमारे सीनों में
हुज़ूर मौत का मतलब बता दिया जाए

हुज़ूर आप के क़दमों में सर रखा मैं ने
हुज़ूर अर्ज़ है सजदा सिखा दिया जाए

हुज़ूर हुस्न पे मग़रूर हैं यहाँ के हसीन
हुज़ूर अर्ज़ है पर्दा उठा दिया जाए

हुज़ूर साईं हसन और हुसैन का हूँ मुरीद
हुज़ूर मौला अली से मिला दिया जाए

हुज़ूर मुझ को मोहब्बत है साईं हम्ज़ा से
हुज़ूर आप का नौकर बना दिया जाए

हुज़ूर हज़रत-ए-सलमान फ़ारसी की तरह
हुज़ूर मुझ को भी झाड़ू थमा दिया जाए

हुज़ूर सीन की आवाज़ में सुरूर बहुत
हुज़ूर शीन का मख़रज भुला दिया जाए

हुज़ूर हज़रत-ए-अय्यूब का चले लंगर
हुज़ूर हम को भी खाना खिला दिया जाए

हुज़ूर चर्चे बहुत सिद्क़-ए-बुज़ारी के हैं
हुज़ूर हम को भी सादिक बना दिया जाए

हुज़ूर शहर बसाये हैं हाकिमों ने यहाँ
हुज़ूर इन को मदीना दिखा दिया जाए

हुज़ूर तंग बहुत हैं सउदिओं से हम
हुज़ूर इन को हरम से हटा दिया जाए

हुज़ूर इश्क़ पे लोगों को एतिराज़ हुआ
हुज़ूर थोड़ा इन्हें भी जला दिया जाए
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