शदीद गिरिया का मतलब बता रहा था हमें
वो रो रहा था कि रोना सिखा रहा था हमें
हम उसके उठे हुए हाथ की तरफ भागे
पता चला कि वो रास्ता दिखा रहा था हमें
ज़रूर उसका कोई प्यास से मरा होगा
वो कितने प्यार से पानी पीला रहा था हमें
बुझा रहा था चिरागों को अपनी साँसों से
और अपने नूर की लौ से जला रहा था हमें
पहाड़ उसके इलाके में ढेर होते हैं
वो अपने गाँव की बातें सुना रहा था हमें
तेरे विलाल की खुशबू थी चार सू जिस दम
तरा फ़िराक गले से लगा रहा था हमें
हम अपने आप को वैसा समझ रहे थे नदीम
हमारे बारे में जैसा बता रहा था हमें
वो रो रहा था कि रोना सिखा रहा था हमें
हम उसके उठे हुए हाथ की तरफ भागे
पता चला कि वो रास्ता दिखा रहा था हमें
ज़रूर उसका कोई प्यास से मरा होगा
वो कितने प्यार से पानी पीला रहा था हमें
बुझा रहा था चिरागों को अपनी साँसों से
और अपने नूर की लौ से जला रहा था हमें
पहाड़ उसके इलाके में ढेर होते हैं
वो अपने गाँव की बातें सुना रहा था हमें
तेरे विलाल की खुशबू थी चार सू जिस दम
तरा फ़िराक गले से लगा रहा था हमें
हम अपने आप को वैसा समझ रहे थे नदीम
हमारे बारे में जैसा बता रहा था हमें

