उस की आँखों के दरीचों में रहा करते थे

उस की आँखों के दरीचों में रहा करते थे
सच्चे ख़्वाबों की तरह हम भी हुआ करते थे

जिन हवाओं ने उखाड़े हैं हमारे ख़ेमे
इन हवाओं में तो हम सांस लिया करते थे

अब ये तुझ पर है मोहब्बत में हमें जैसे गुज़ार
वरना हम लोग तो मर्ज़ी से जिया करते थे

ऐ मोहब्बत को बड़ा काम समझने वालों
ये बड़ा काम कभी हम भी किया करते थे

ज़िंदगी तुझ से उम्मीदें थीं गए वक़्तों में
हाँ गए वक़्तों में जब ज़िंदा हुआ करते थे
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