वो अंधेरा था, अंधेरे में, दिया मैं भी था

वो अंधेरा था, अंधेरे में, दिया मैं भी था
जलना आसान था इतना कि जला मैं भी था
उम्र भर कोई नहीं रहता किसी के दिल में
आज कल तो है कभी तेरी जगह मैं भी था
तू कोई पहला नहीं छोड़ के जाने वाला
मेरी महफ़िल से तू एक रात उठा मैं भी था
ये जो थोड़ा सा अंधेरा है मेरी लो के तले
इसका मतलब है कि एक बार बुझा मैं भी था
दुख तो ये है कि शहादत ने भी ज़िंदा न किया
ख्वाब ज़ादी तेरे रास्ते में मेरा मैं भी था
चाक से पहले कहीं ध्यान में था मेरा वजूद
खाक से पहले इरादों में छुपा मैं भी था
क्या ज़रूरी है इज़ाफ़त से इज़ाफ़ी कहना
ज़ीर ज़बरों में कभी उलझा हुआ मैं भी था
Share: