तुम वजह मोहब्बत हो
तुम हुस्न की दौलत हो
हर रंग तुम्हारा है तुम फूल की सूरत हो
मैं हिज्र का मारा हूँ
तुम नज़्म मुकम्मल हो, तुम शेर की लज़्जत हो
मैं वहम की सूरत हूँ
तुम एक हकीकत हो
मैं रात दिसम्बर की
तुम वसल की साअत हो
मैं कुछ भी नहीं शायद तुम हद से ज़्यादा हो
अल्लाह की क़ुदरत हो
मैं बोल नहीं सकता
लफ्ज़ की सूरत हो
तुम मेरी ज़रूरत हो
तुम हुस्न की दौलत हो
हर रंग तुम्हारा है तुम फूल की सूरत हो
मैं हिज्र का मारा हूँ
तुम नज़्म मुकम्मल हो, तुम शेर की लज़्जत हो
मैं वहम की सूरत हूँ
तुम एक हकीकत हो
मैं रात दिसम्बर की
तुम वसल की साअत हो
मैं कुछ भी नहीं शायद तुम हद से ज़्यादा हो
अल्लाह की क़ुदरत हो
मैं बोल नहीं सकता
लफ्ज़ की सूरत हो
तुम मेरी ज़रूरत हो

